नई दिल्ली: बकरीद (ईद-उल-अजहा) से पहले Government of Delhi ने अवैध कुर्बानी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। विकास मंत्री Kapil Mishra के बयान के बाद सरकार की ओर से पहली बार इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। विकास विभाग की पशुपालन इकाई ने साफ निर्देश दिए हैं कि सड़कों, गलियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी।
त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और स्वच्छता बनाए रखने के लिए सरकार ने 8 बिंदुओं वाली सख्त एडवाइजरी जारी की है। आदेश में कहा गया है कि कुर्बानी के दौरान निकलने वाला खून नालियों या सार्वजनिक सीवरेज में नहीं बहाया जा सकेगा। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की खरीद-बिक्री और अवैध वध पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
दिल्ली में 28 मई को बकरीद मनाई जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखते हुए नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त स्थानों पर ही कुर्बानी की जा सकेगी।
सरकार के इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। लंबे समय से मिश्रित आबादी वाले इलाकों में सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली कुर्बानी को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों का कहना था कि इससे आम नागरिकों को परेशानी होती है और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
विकास मंत्री Kapil Mishra ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अवैध कुर्बानी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद विकास विभाग ने सार्वजनिक सूचना जारी कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
एडवाइजरी के प्रमुख निर्देश
- सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित।
- केवल अधिकृत और लाइसेंस प्राप्त स्थानों पर ही कुर्बानी की अनुमति।
- कुर्बानी के दौरान रक्त को नालियों या सीवरेज में बहाने पर रोक।
- सार्वजनिक स्थानों पर पशुओं की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित।
- बिना लाइसेंस वाले स्थानों पर मांस की बिक्री नहीं होगी।
- पशुओं के परिवहन के दौरान क्रूरता नहीं की जा सकेगी।
- गाय और ऊंट की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध।
- किसी भी शिकायत के लिए लोगों को पुलिस और पीसीआर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।